मोदी-ट्रंप व्यापार समझौते के खिलाफ ‘आप’ का हल्लाबोल: कचहरी पर प्रतियां जलाकर जताया कड़ा विरोध
आम आदमी पार्टी (आप) ने शुक्रवार को मोदी-ट्रंप व्यापार समझौते के खिलाफ अपना जोरदार विरोध प्रदर्शन दर्ज कराया। राजधानी के कचहरी परिसर में एकत्र हुए ‘आप’ कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने इस दौरान कथित व्यापार समझौते की प्रतियां जलाकर अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। उनका आरोप था कि यह समझौता देश के किसानों और छोटे व्यापारियों के हितों के खिलाफ है।
‘आप’ के जिलाध्यक्ष राकेश सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मोदी सरकार अमेरिकी दबाव में आकर ऐसा व्यापार समझौता करने जा रही है, जो भारत की अर्थव्यवस्था और कृषि क्षेत्र के लिए घातक सिद्ध होगा। उन्होंने बताया कि अमेरिका की मुख्य मांग भारतीय बाजार को अपने कृषि उत्पादों, डेयरी उत्पादों और पोल्ट्री के लिए खोलना है। यदि ऐसा होता है, तो लाखों भारतीय किसानों और दुग्ध उत्पादकों की आजीविका सीधे तौर पर प्रभावित होगी। हमारे किसान पहले ही कई मुश्किलों का सामना कर रहे हैं, ऐसे में यह समझौता उनकी कमर तोड़ देगा।
प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर ‘व्यापार समझौता रद्द करो’, ‘किसानों के हितों से खिलवाड़ बंद करो’, ‘देशहित सर्वोपरि’, और ‘मोदी-ट्रंप भाई-भाई, देश बेच रहा सिपाही’ जैसे नारे लिखे हुए थे। कार्यकर्ताओं ने मोदी सरकार पर देश के हितों को विदेशी ताकतों के आगे गिरवी रखने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि यह समझौता केवल कुछ बड़े कॉर्पोरेट्स को फायदा पहुंचाएगा, जबकि आम जनता और मध्यम वर्ग इसकी मार झेलेगा।
‘आप’ नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने इस जनविरोधी व्यापार समझौते को रद्द नहीं किया, तो पार्टी देशव्यापी आंदोलन छेड़ेगी। उन्होंने कहा कि ‘आप’ देश के अन्नदाता और छोटे व्यापारियों के साथ खड़ी है और उनके हितों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेगी। यह विरोध प्रदर्शन मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ ‘आप’ के बढ़ते मुखर विरोध का एक स्पष्ट उदाहरण था, जिसने सरकार पर समझौते को लेकर पुनर्विचार करने का दबाव बनाया।
