मुआवजे की मांग और ठेकेदार की गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने घेरा थाना: घंटों चला प्रदर्शन
एक दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिजनों को मुआवजा न मिलने और जिम्मेदार ठेकेदार की गिरफ्तारी न होने से नाराज सैकड़ों ग्रामीणों ने आज स्थानीय थाने का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों के भारी संख्या में पहुंचने से पुलिस थाने के बाहर घंटों तक हंगामा होता रहा और यातायात भी प्रभावित हुआ।
घटना कुछ दिन पहले की है, जब निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा ढह जाने से कई मजदूर मलबे में दब गए थे। इस हादसे में तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों का आरोप है कि यह हादसा ठेकेदार की घोर लापरवाही और घटिया सामग्री के इस्तेमाल के कारण हुआ। हादसे के तुरंत बाद, ठेकेदार मौके से फरार हो गया और पुलिस उसे गिरफ्तार करने में नाकाम रही है।
आज सुबह से ही मृतक मजदूरों के परिजन और स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में एकजुट होकर थाने पहुंचे। उनके हाथों में तख्तियां थीं और वे “हमें न्याय चाहिए”, “ठेकेदार को गिरफ्तार करो” और “पीड़ितों को मुआवजा दो” जैसे नारे लगा रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि प्रशासन तत्काल मृतक आश्रितों को उचित मुआवजा दे और घायल हुए मजदूरों के इलाज का पूरा खर्च उठाए। इसके साथ ही, उनकी प्रमुख मांग थी कि गैर-जिम्मेदार ठेकेदार को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उस पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
थाने के बाहर बढ़ते तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। थाना प्रभारी ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उन्हें शांत करने का प्रयास किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और ठेकेदार की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। मुआवजा संबंधी मांग पर उन्होंने उच्च अधिकारियों से बात करने का भरोसा दिलाया। घंटों के गतिरोध के बाद, पुलिस के ठोस आश्वासन पर ग्रामीण फिलहाल प्रदर्शन समाप्त करने को राजी हुए, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो वे इससे भी बड़ा आंदोलन करेंगे।
