महानगर में चीनी मांझे का कहर: अग्रहरी समाज के पूर्व महामंत्री का गला कटा

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महानगर में चीनी मांझे का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक हृदयविदारक घटना में, अग्रहरी समाज महानगर के पूर्व महामंत्री और जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता श्री रमेश चंद्र अग्रहरी (काल्पनिक नाम) का गला रविवार शाम चीनी मांझे की चपेट में आने से बुरी तरह कट गया। यह घटना महानगर के व्यस्ततम चौराहे, गांधी मार्ग (काल्पनिक) पर उस वक्त हुई जब श्री अग्रहरी अपनी दोपहिया वाहन से घर लौट रहे थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम करीब 6 बजे का समय था और सड़क पर वाहनों की आवाजाही तेज़ थी। श्री अग्रहरी हेलमेट पहने हुए थे, लेकिन अचानक कहीं से आया एक तेज़ धार वाला चीनी मांझा उनके गले को चीरता हुआ निकल गया। मांझे की तीक्ष्णता इतनी अधिक थी कि उन्होंने खुद को संभाल नहीं पाया और वाहन का संतुलन खोते-खोते बचे। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत दौड़कर उनकी मदद की। उनके गले से तेज़ी से खून बह रहा था और वे दर्द से कराह रहे थे।

तत्काल उन्हें पास के निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने आपातकालीन सर्जरी की। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, उनकी हालत गंभीर बनी हुई है, लेकिन फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। उन्हें गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में रखा गया है और अगले 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण बताए जा रहे हैं।

इस घटना से अग्रहरी समाज और पूरे महानगर में सदमे का माहौल है। श्री रमेश चंद्र अग्रहरी समाज के एक सम्मानित सदस्य रहे हैं, जिन्होंने विभिन्न सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई है। उनके शीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रार्थनाएं की जा रही हैं।

सामाजिक संगठनों ने एक बार फिर चीनी मांझे की बिक्री और उपयोग पर सख्त प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि यह पहली घटना नहीं है; ऐसे मांझे हर साल कई लोगों को गंभीर रूप से घायल कर देते हैं, यहाँ तक कि कई बार जानलेवा भी साबित होते हैं। पुलिस प्रशासन से अपील की गई है कि वे ऐसे अवैध मांझे बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें और नागरिकों से भी ऐसे खतरनाक मांझे के उपयोग से बचने की गुजारिश की गई है। इस घटना ने एक बार फिर महानगर में पतंगबाजी के दौरान सुरक्षा उपायों और चीनी मांझे के खतरों पर गंभीर चिंतन की आवश्यकता को उजागर किया है।

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