पर्यटन सचिव ने पुरातात्विक स्थलों पर स्वच्छता सुधार के निर्देश दिए
हाल ही में, राज्य के पर्यटन सचिव ने प्रदेश के विभिन्न महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थलों का विस्तृत निरीक्षण दौरा किया। इस दौरे का प्राथमिक उद्देश्य इन ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण की स्थिति का जायजा लेना और पर्यटकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं, विशेषकर स्वच्छता मानकों को उन्नत करना था। सचिव महोदय ने इस बात पर जोर दिया कि विश्व स्तरीय पर्यटन अनुभव प्रदान करने के लिए स्वच्छता एक मूलभूत आवश्यकता है।
निरीक्षण के दौरान, सचिव ने कई पुरातात्विक स्थलों पर मौजूदा शौचालय सुविधाओं, पीने के पानी की उपलब्धता और समग्र साफ-सफाई की व्यवस्था का बारीकी से मूल्यांकन किया। उन्होंने पाया कि कुछ स्थानों पर इन सुविधाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं थी, जो पर्यटकों के अनुभव को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकती है। इस स्थिति पर गंभीरता व्यक्त करते हुए, उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल और प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इन स्थलों पर स्वच्छता मानकों में तुरंत सुधार किया जाए, ताकि आगंतुकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
सचिव ने अपने निर्देशों में कहा कि पुरातात्विक स्थल हमारी सांस्कृतिक विरासत के अनमोल रत्न हैं और ये देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए, इन स्थलों को न केवल ऐतिहासिक दृष्टि से बल्कि स्वच्छता और रखरखाव के दृष्टिकोण से भी उत्कृष्ट बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने नियमित अंतराल पर सफाई अभियान चलाने, पर्याप्त संख्या में कचरा पात्रों की व्यवस्था करने और उनके उचित निपटान को सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने आगंतुकों के लिए सूचना पट्टों को अद्यतन करने, मल्टीलिंगुअल साइनेज लगाने और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने का भी निर्देश दिया, ताकि पर्यटकों को एक सुरक्षित और जानकारीपूर्ण अनुभव मिल सके।
यह पहल राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने और इन ऐतिहासिक स्थलों को अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उम्मीद है कि इन निर्देशों का शीघ्रता से पालन किया जाएगा, जिससे हमारे पुरातात्विक स्थल पर्यटकों के लिए और भी अधिक आकर्षक और मेहमाननवाज बन सकेंगे। इस प्रयास से न केवल स्थानीय पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक विरासत की गरिमा भी बढ़ेगी।
