नई सड़क चौराहे पर ट्रांसफार्मर में लगी आग, 40 घरों में 10 घंटे तक अंधेरा
बीती रात नई सड़क चौराहे पर एक बड़ा बिजली संकट उस वक्त खड़ा हो गया, जब इलाके का मुख्य ट्रांसफार्मर धू-धू कर जल उठा। यह घटना देर शाम करीब 8 बजे हुई, जिसने आसपास के लगभग 40 घरों को अचानक अंधेरे में धकेल दिया। ट्रांसफार्मर से निकलते धुएं और चिंगारियों ने इलाके में दहशत का माहौल बना दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रांसफार्मर से पहले जोरदार धमाके की आवाज आई, जिसके बाद आग की लपटें उठने लगीं। सूचना मिलते ही बिजली विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे, लेकिन आग पर काबू पाने और ट्रांसफार्मर को बदलने की प्रक्रिया में काफी समय लग गया। पूरी रात भर, यानी लगभग 10 घंटे तक, नई सड़क और उससे सटे कुछ इलाकों के 40 घर बिजली के बगैर रहे।
गर्मी और उमस भरे मौसम में रातभर बिजली न होने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। छोटे बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। पंखे और कूलर बंद होने से घरों में उमस बढ़ गई, जिससे लोगों का चैन छिन गया। कई घरों में इनवर्टर भी जवाब दे गए थे। पीने के पानी की किल्लत भी शुरू हो गई, क्योंकि पानी की मोटरें नहीं चल पा रही थीं। रात के खाने और सुबह के नाश्ते में भी दिक्कतें आईं, क्योंकि फ्रिज बंद होने से कई खाद्य पदार्थ खराब होने का डर था। छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित हुई।
स्थानीय निवासियों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यह ट्रांसफार्मर काफी पुराना था और अक्सर इसमें छोटी-मोटी खराबी आती रहती थी। बार-बार शिकायत के बावजूद विभाग ने इस पर ध्यान नहीं दिया, जिसका नतीजा यह बड़ा हादसा रहा।
सुबह करीब 6 बजे जाकर बिजली आपूर्ति बहाल हो पाई, जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि, इस घटना ने बिजली आपूर्ति के बुनियादी ढांचे की कमजोरियों को उजागर कर दिया है और यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि ऐसे में भविष्य में ऐसी घटनाओं से कैसे बचा जाए।
