डीआरएम ने समपार फाटकों पर सुरक्षा और सिग्नल प्रणाली का जायजा लिया
हाल ही में, मंडल रेल प्रबंधक (DRM) ने मंडल के विभिन्न समपार फाटकों का गहन दौरा किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य इन महत्वपूर्ण स्थानों पर स्थापित सुरक्षा प्रोटोकॉल और सिग्नल प्रणाली की कार्यप्रणाली को समझना और उसमें सुधार के अवसर तलाशना था। डीआरएम ने स्वयं विभिन्न फाटकों पर जाकर उनके संचालन का बारीकी से निरीक्षण किया, ताकि जमीनी स्तर पर स्थितियों का आकलन किया जा सके।
उन्होंने विशेष रूप से फाटक मित्रों (गेटमैन) से बातचीत की और उनसे फाटकों को बंद करने और खोलने की प्रक्रिया, सिग्नल के साथ उनके समन्वय और किसी भी आपात स्थिति में अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली। डीआरएम ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि फाटक हमेशा सही समय पर बंद हों ताकि सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और रेल यातायात में कोई बाधा न आए। उन्होंने गेटमैन को उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए प्रोत्साहित भी किया।
निरीक्षण के दौरान, डीआरएम ने सिग्नल प्रणाली के कामकाज की भी गहन समीक्षा की। उन्होंने देखा कि कैसे सिग्नल ट्रेनों की आवाजाही को नियंत्रित करते हैं और कैसे फाटक सिग्नल के साथ मिलकर काम करते हैं ताकि संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने तकनीकी कर्मचारियों से सिग्नल रखरखाव के प्रोटोकॉल और किसी भी खराबी को तुरंत और प्रभावी ढंग से ठीक करने के उपायों के बारे में भी पूछा, ताकि प्रणाली की विश्वसनीयता बनी रहे।
डीआरएम ने मौके पर ही निर्देश दिए कि सभी सुरक्षा मानदंडों का कड़ाई से पालन किया जाए और फाटक मित्रों को नियमित रूप से प्रशिक्षण दिया जाए ताकि वे नवीनतम सुरक्षा तकनीकों और प्रक्रियाओं से पूरी तरह अवगत रहें। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि फाटकों पर पर्याप्त और स्पष्ट रोशनी हो और चेतावनी के संकेत स्पष्ट रूप से दिखाई दें, खासकर रात के समय।
यह दौरा रेलवे प्रशासन की उस अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है जिसके तहत यात्रियों और सड़क उपयोगकर्ताओं दोनों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। डीआरएम का यह व्यक्तिगत निरीक्षण यह सुनिश्चित करेगा कि समपार फाटकों पर सुरक्षा और सिग्नल प्रणाली दोनों ही उच्चतम मानकों पर कार्य करें, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना कम हो और रेल परिचालन सुचारू और सुरक्षित बना रहे।
