ट्रांसफार्मर से तेल चोरी: जेई ने संविदा कर्मचारियों पर लगाया आरोप

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24 फरवरी की सर्द रात में, जब क्षेत्र के अधिकांश लोग गहरी नींद में सो रहे थे, चौरी इलाके में लगे 10 केवीए के एक महत्वपूर्ण ट्रांसफार्मर से तेल चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया। यह घटना न केवल विद्युत विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है, बल्कि इसने स्थानीय निवासियों के लिए भी कई मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। सुबह जब लोगों ने बिजली गुल देखी और ट्रांसफार्मर की जांच की गई, तो यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि उसमें से कीमती इंसुलेटिंग ऑयल गायब था।

इस गंभीर मामले की जानकारी मिलते ही, विद्युत विभाग में हड़कंप मच गया। उपखंड अभियंता (जेई) भानु प्रताप सिंह ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चौरी थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई। उनकी तहरीर में, उन्होंने तीन संविदा कर्मचारियों पर सीधे तौर पर इस तेल चोरी का आरोप लगाया है। जेई सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इन कर्मचारियों की लापरवाही या मिलीभगत के बिना इतनी बड़ी चोरी संभव नहीं थी। उन्होंने अपनी तहरीर के माध्यम से अपनी विभागीय जिम्मेदारी पूरी करते हुए पुलिस से मामले की गहन जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

ट्रांसफार्मर से तेल की चोरी सिर्फ आर्थिक नुकसान ही नहीं पहुंचाती, बल्कि यह पूरे क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति को भी बाधित करती है। तेल की कमी के कारण ट्रांसफार्मर ओवरहीट होकर खराब हो सकता है, जिससे मरम्मत में लंबा समय और भारी खर्च आता है। इस घटना के बाद से, स्थानीय लोगों को बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनके दैनिक जीवन और छोटे व्यवसायों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

पुलिस ने जेई की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। यह देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या सामने आता है और क्या वाकई वे संविदा कर्मचारी ही इस वारदात के पीछे हैं। इस तरह की घटनाएं विद्युत विभाग के उपकरणों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं और भविष्य में ऐसी वारदातों को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम करने की आवश्यकता पर बल देती हैं। यह मामला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और विभागीय निगरानी को लेकर नई बहस छेड़ गया है।

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