चोलापुर में हाईटेंशन तार की भेंट चढ़ा मछली पालक तौहीद: गाँव में शोक

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चोलापुर थाना क्षेत्र के चोलापुर गाँव में शनिवार की सुबह एक हृदय विदारक घटना ने पूरे गाँव को स्तब्ध कर दिया। मछली पालन का व्यवसाय करने वाले 35 वर्षीय तौहीद आलम, जिन्हें लोग प्यार से टन्ना के नाम से जानते थे, असमय काल के गाल में समा गए। उनकी मौत हाईटेंशन तार की चपेट में आने से हुई, जिसने उनके परिवार और जानने वालों पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है।

तौहीद आलम चोलापुर गाँव के ही निवासी थे और अपनी मेहनत और लगन के लिए जाने जाते थे। गाँव से लगभग 500 मीटर की दूरी पर स्थित एक तालाब में वे मछली पालन का कार्य करते थे। यह उनका पुश्तैनी काम तो नहीं था, लेकिन उन्होंने अपनी सूझबूझ और परिश्रम से इसे अपनी आजीविका का मुख्य साधन बना लिया था। सुबह का समय था, जब तौहीद हमेशा की तरह अपने तालाब की ओर जा रहे थे, शायद मछलियों को दाना डालने या उनकी देखभाल करने के लिए। किसी ने सोचा भी नहीं था कि यह उनकी आखिरी यात्रा होगी।

गाँव वालों के अनुसार, तालाब के रास्ते में ही कहीं हाईटेंशन तार लटक रहा था, या शायद उसमें कोई खराबी थी, जिसकी जानकारी तौहीद को नहीं थी। सुबह के धुंधलके में या लापरवाही से, वे उस जानलेवा तार की चपेट में आ गए। जैसे ही उन्हें बिजली का झटका लगा, आसपास के लोगों ने चीखने-चिल्लाने की आवाज़ सुनी, लेकिन जब तक कोई उनकी मदद के लिए पहुँच पाता, बहुत देर हो चुकी थी।

इस दुखद घटना की खबर फैलते ही पूरे गाँव में मातम छा गया। जिसने भी सुना, वह अवाक रह गया। तौहीद अपने पीछे पत्नी और छोटे-छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं, जिनके भविष्य को लेकर अब चिंताएं बढ़ गई हैं। गाँव वाले और उनके परिजन इस बात को लेकर बेहद दुखी हैं कि आखिर क्यों बिजली विभाग ने इन तारों की उचित देखरेख नहीं की, जिसके कारण एक जवान ज़िन्दगी असमय काल का ग्रास बन गई। इस घटना ने एक बार फिर बिजली के असुरक्षित तारों और उनकी उचित मरम्मत की आवश्यकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन से मांग की जा रही है कि ऐसे मामलों में उचित कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और किसी और परिवार को ऐसे दुखद क्षणों का सामना न करना पड़े। तौहीद आलम की असमय मौत ने चोलापुर गाँव में गहरा शोक पैदा कर दिया है।

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