कफ सिरप मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई: प्रशांत उपाध्याय गिरफ्तार

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कफ सिरप का अवैध कारोबार एक गंभीर समस्या बन चुका है, खासकर युवाओं में इसका नशा बढ़ता जा रहा है। पुलिस प्रशासन इस पर अंकुश लगाने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में, कोतवाली पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है।

एसीपी कोतवाली, विजय प्रताप सिंह ने जानकारी दी कि प्रशांत उपाध्याय नामक व्यक्ति के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट) के तहत कड़ी कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई कफ सिरप से जुड़े एक गंभीर मामले में दर्ज प्राथमिकी (FIR) के आधार पर की गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रशांत उपाध्याय काफी समय से इस अवैध धंधे में लिप्त था और वह गुपचुप तरीके से कफ सिरप की बड़ी खेप को बाजार में खपा रहा था, जिसका इस्तेमाल नशे के लिए किया जा रहा था।

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि प्रशांत उपाध्याय और उसके कुछ सहयोगी अवैध रूप से नशीले कफ सिरप की खरीद-फरोख्त कर रहे हैं। इस सूचना की गंभीरता को समझते हुए, एसीपी विजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने गहन निगरानी, तकनीकी विश्लेषण और सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर प्रशांत उपाध्याय के संभावित ठिकानों पर छापेमारी की योजना बनाई।

सुनियोजित छापेमारी के दौरान, पुलिस ने प्रशांत उपाध्याय को मौके से हिरासत में ले लिया और उसके पास से भारी मात्रा में अवैध कफ सिरप बरामद किया, जिसे नशे के रूप में बेचा जा रहा था। पुलिस ने तत्काल प्रशांत उपाध्याय को गिरफ्तार कर उससे विस्तृत पूछताछ शुरू की। पूछताछ में उसने इस अवैध नेटवर्क से जुड़े कुछ और नामों का खुलासा किया है, जिनके खिलाफ भी जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।

एसीपी सिंह ने स्पष्ट किया कि एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की गहन जांच जारी है। उन्होंने बताया कि इस एक्ट के तहत नशीले पदार्थों की तस्करी, खरीद-फरोख्त और वितरण एक गंभीर अपराध है, जिसके लिए कठोर कानूनी प्रावधान और सजा का प्रावधान है।

विजय प्रताप सिंह ने समाज के सभी वर्गों से अपील की है कि वे इस प्रकार के अवैध कारोबार के खिलाफ अपनी आवाज उठाएं और पुलिस का सहयोग करें। उन्होंने अभिभावकों से विशेष आग्रह किया कि वे अपने बच्चों पर विशेष ध्यान रखें और उन्हें नशे की बुराई से दूर रहने के लिए जागरूक करें। पुलिस इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसे अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई न केवल प्रशांत उपाध्याय के लिए एक सबक है, बल्कि उन सभी लोगों के लिए भी एक कड़ी चेतावनी है जो इस तरह के अवैध धंधे में शामिल होने की कोशिश कर रहे हैं।

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