तेलियानाला घाट पर नाविकों के बीच टकराव: यात्रियों को बैठाने को लेकर गरमाया माहौल
शुक्रवार की शाम, आदमपुर थाना क्षेत्र का तेलियानाला घाट, गंगा नदी के किनारे हमेशा की तरह जीवंत था। दिनभर की चहल-पहल के बाद, शाम ढलते ही यहाँ एक अलग ही नज़ारा होता है। श्रद्धालु और पर्यटक नौका विहार का आनंद लेने और उस पार जाने के लिए इकट्ठा होते हैं। लेकिन इस शुक्रवार की शाम, घाट पर शांति की बजाय तनाव का माहौल बन गया, जब नाव पर सवारी बैठाने को लेकर नाविकों के दो पक्ष आमने-सामने आ गए।
दरअसल, नाविकों के दो गुट, जो लंबे समय से यात्रियों को बैठाने को लेकर प्रतिस्पर्धा कर रहे थे, एक बार फिर एक-दूसरे से भिड़ गए। शाम करीब 6 बजे, जब एक नाव घाट पर लगी थी और यात्री उस पर सवार हो रहे थे, तभी दूसरे गुट के नाविकों ने आरोप लगाया कि पहले गुट ने उनकी बारी के यात्रियों को अपनी नाव में बिठा लिया है। यह आरोप लगाते ही बात बिगड़ गई और घाट पर मौजूद लोगों की भीड़ में गहमागहमी मच गई।
देखते ही देखते, मौखिक बहस तीखी झड़प में बदल गई। दोनों तरफ से नाविकों के सदस्य इकट्ठा हो गए और एक-दूसरे पर चिल्लाने लगे। घाट पर मौजूद अन्य यात्रियों और स्थानीय दुकानदारों ने पहले तो इसे रोज़मर्रा की बात समझा, लेकिन जब माहौल गरमाने लगा और आवाज़ें तेज होने लगीं, तो उन्हें हस्तक्षेप करना पड़ा। किसी अनहोनी की आशंका से लोग सहम गए और कुछ देर के लिए आवागमन भी बाधित हो गया।
आसपास के कुछ समझदार लोगों और पुलिस को सूचना देने की बात कहने पर दोनों गुटों के बीच तनाव कुछ कम हुआ। मौके पर कोई बड़ी हिंसा तो नहीं हुई, लेकिन स्थिति पूरी तरह शांत भी नहीं हुई थी। यात्रियों को अपनी नाव में बिठाने को लेकर यह खींचतान अक्सर देखी जाती है, लेकिन शुक्रवार की घटना ने एक बार फिर इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान खींचा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके और घाट पर शांति व व्यवस्था बनी रहे। यह महज एक दिन की घटना नहीं, बल्कि नाविकों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा और रोज़गार की कमी का एक स्पष्ट संकेत है, जिस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।
