शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को पॉक्सो मामले में मिली अग्रिम जमानत, मठ में जश्न का माहौल

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काशी के प्रतिष्ठित द्वारका-शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को एक पॉक्सो (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) मामले में अदालत से अग्रिम जमानत मिल गई है। इस खबर के सामने आते ही उनके अनुयायियों और मठ से जुड़े भक्तों में खुशी की लहर दौड़ गई। मठ परिसर में तुरंत ही उत्सव जैसा माहौल बन गया, जहां लोग एक-दूसरे को बधाई देते और अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते देखे गए।

यह मामला पिछले कुछ समय से चर्चा का विषय बना हुआ था, जिसने शंकराचार्य के समर्थकों को चिंतित कर रखा था। अग्रिम जमानत मिलने से अब उन्हें इस कानूनी प्रक्रिया के दौरान गिरफ्तारी से सुरक्षा मिल गई है, जो उनके और उनके समर्थकों के लिए एक बड़ी राहत है। अदालत के इस फैसले को न्याय की जीत के रूप में देखा जा रहा है।

मठ के सूत्रों के अनुसार, जैसे ही अग्रिम जमानत की खबर मिली, बड़ी संख्या में श्रद्धालु मठ पहुंचने लगे। ढोल-नगाड़ों और शंख ध्वनि के साथ भगवान का आभार व्यक्त किया गया। भक्तों ने मिठाई बांटकर और जयकारे लगाकर अपनी खुशी का इजहार किया। कई अनुयायियों ने कहा कि उन्हें हमेशा से विश्वास था कि शंकराचार्य निर्दोष हैं और सत्य की ही जीत होगी। यह फैसला उनकी आस्था को और मजबूत करता है।

इस घटनाक्रम ने धार्मिक और सामाजिक हल्कों में भी व्यापक चर्चा छेड़ दी है। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपने प्रखर विचारों और सनातन धर्म के प्रति अटूट निष्ठा के लिए जाने जाते हैं। इस अग्रिम जमानत से उन्हें अपने धार्मिक और सामाजिक कार्यों को बिना किसी बाधा के जारी रखने में मदद मिलेगी। मठ की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि वे न्यायपालिका का सम्मान करते हैं और सत्य की स्थापना के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह क्षण मठ और उसके करोड़ों अनुयायियों के लिए अत्यंत हर्ष और संतोष का है।

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