121 भक्तों ने निकाली प्रभात फेरी, गूंजी हनुमान चालीसा की ध्वनि
आज सुबह का नज़ारा कुछ और ही था। सूर्योदय के साथ ही वातावरण में एक नई ऊर्जा और भक्ति का संचार हो गया। हमारे शहर में 121 हनुमान भक्तों ने मिलकर एक भव्य प्रभात फेरी का आयोजन किया। सुबह की ठंडी और ताज़गी भरी हवा में जब ये श्रद्धालु अपने आराध्य भगवान हनुमान का नाम जपते हुए निकले, तो हर तरफ एक आध्यात्मिक लहर सी दौड़ गई।
यह प्रभात फेरी केवल एक साधारण यात्रा नहीं थी, बल्कि यह भक्ति, श्रद्धा और सामूहिक आस्था का एक अद्भुत संगम थी। पीली और भगवा वेशभूषा में सजे हुए भक्त, हाथों में ध्वज लिए, मधुर भजनों की धुन पर कदम से कदम मिलाकर चल रहे थे। उनके चेहरों पर एक अलग ही तेज और संतोष झलक रहा था। मुख्य आकर्षण था, पूरे रास्ते “श्री हनुमान चालीसा” का सस्वर पाठ। 121 कंठों से एक साथ निकलती हनुमान चालीसा की पवित्र ध्वनि ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया।
बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी ने इस धार्मिक आयोजन में बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। ऐसा लग रहा था मानो स्वयं हनुमान जी की कृपा बरस रही हो। लोग अपनी बालकनियों और घरों के दरवाजों पर खड़े होकर इस मनमोहक दृश्य को देख रहे थे और प्रभात फेरी में शामिल भक्तों पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत कर रहे थे। हनुमान चालीसा का पाठ करते हुए भक्तों ने न केवल अपने मन को शांति प्रदान की, बल्कि आसपास के लोगों में भी सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया।
यह आयोजन इस बात का प्रतीक था कि हमारी संस्कृति में आस्था और सामूहिकता का कितना महत्व है। यह सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं था, बल्कि इसने समाज में प्रेम, सद्भाव और एकजुटता का संदेश भी दिया। प्रभात फेरी के समापन पर सभी भक्तों ने सुख-समृद्धि की कामना की और संकल्प लिया कि वे इसी तरह धर्म और भक्ति के मार्ग पर चलते रहेंगे। इस प्रकार, 121 भक्तों की यह प्रभात फेरी एक अविस्मरणीय और प्रेरणादायक घटना बन गई, जिसने सभी के हृदयों को भक्ति से भर दिया।
