इस साल मार्च में ही भीषण गर्मी का कहर: तापमान 40 पार
इस साल मार्च का महीना आते ही, गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं, जो अमूमन अप्रैल-मई में देखने को मिलते थे। ऐसा लग रहा है मानो सर्दियां जैसे खत्म ही नहीं हुईं और सीधे भीषण गर्मी ने दस्तक दे दी हो। मौसम विभाग के अनुमानों से भी यही संकेत मिल रहे हैं कि इस बार मार्च में ही पारा 40 डिग्री सेल्सियस का आंकड़ा पार कर सकता है, जो अपने आप में एक चिंताजनक स्थिति है। इतनी जल्दी इतनी अधिक गर्मी का एहसास पिछले कुछ सालों में कम ही हुआ है।
सुबह की हल्की धूप अब दिन चढ़ते ही आग उगलने लगती है, और दोपहर तक आते-आते सूरज की किरणें इतनी तीखी हो जाती हैं कि बाहर निकलना भी दूभर हो जाता है। हवा में नमी कम और गर्माहट ज़्यादा महसूस हो रही है, जिससे तपिश तेजी से असहनीय हो सकती है। सड़कों पर सन्नाटा छाने लगता है और लोग घरों में दुबकने पर मजबूर हो जाते हैं। कूलर और एसी की जरूरत अभी से महसूस होने लगी है, जो सामान्यतः अगले महीने से शुरू होती थी।
दिनचर्या बदल रही है; सुबह जल्दी काम निपटाने और शाम को देर से बाहर निकलने का चलन शुरू हो गया है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह मौसम और भी मुश्किल हो सकता है, क्योंकि लू लगने का खतरा भी बढ़ गया है, जिसके लिए अभी से सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। यह असामान्य गर्मी केवल व्यक्तिगत परेशानी ही नहीं बल्कि पर्यावरण और कृषि के लिए भी चिंता का विषय है। यदि तापमान इसी गति से बढ़ता रहा, तो आने वाले महीनों में जल संकट और फसलों पर बुरा प्रभाव पड़ने की आशंका बढ़ जाती है। यह शुरुआती गर्मी हमें आने वाले महीनों की भीषण तपिश के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार रहने का संकेत दे रही है।
