मर्यादा की होली: जहाँ हुड़दंग कम, खुशियाँ अनमोल, महिलाओं ने की जमकर तारीफ! VIDEO
होली, रंगों का त्योहार, हर साल एक नई उमंग और उत्साह लेकर आता है। इस दिन हर कोई गिले-शिकवे भुलाकर एक-दूसरे को रंग लगाता है और खुशियाँ मनाता है। लेकिन कई बार होली के हुड़दंग में कुछ ऐसी बातें भी हो जाती हैं, जो त्योहार की गरिमा को कम करती हैं और खास तौर पर महिलाओं के लिए असहज स्थिति पैदा कर देती हैं।
इस साल, देश के कई हिस्सों में होली का एक अलग ही नज़ारा देखने को मिला। ‘होली का हुड़दंग कम था, महिलाओं ने की तारीफ’ – यह खबर केवल सुर्खियाँ नहीं बटोर रही, बल्कि एक सकारात्मक बदलाव का संकेत भी दे रही है। इस बार होली के जश्न में एक नई मर्यादा और सम्मान का भाव दिखाई दिया। जहाँ एक ओर पारंपरिक गीतों और नृत्यों का आयोजन हुआ, वहीं दूसरी ओर रंग लगाने और पानी डालने में संयम बरता गया।
महिलाओं ने इस बदलाव को खुले दिल से सराहा। कई महिलाओं ने बताया कि इस बार वे पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और सहज महसूस कर रही थीं। बच्चों से लेकर बुजुर्ग महिलाओं तक, सभी ने बिना किसी डर या झिझक के होली का आनंद लिया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे महिलाएं समूहों में बिना किसी परेशानी के होली खेल रही हैं, गाने गा रही हैं और पारंपरिक पकवानों का स्वाद ले रही हैं। यह माहौल वाकई सराहनीय था।
यह सिर्फ एक त्योहार का बदलाव नहीं, बल्कि समाज में आ रहे एक बड़े परिवर्तन का प्रतीक है। जब त्योहारों में मर्यादा और सम्मान का स्थान बनता है, तो उनकी शोभा और भी बढ़ जाती है। उम्मीद है कि होली का यह नया और सुखद रंग आने वाले सालों में भी इसी तरह बरकरार रहेगा और हर कोई सुरक्षित व आनंदमय तरीके से इस उत्सव का हिस्सा बन पाएगा। यह साबित करता है कि मनोरंजन और सम्मान एक साथ चल सकते हैं।
