बीएचयू में देर रात हंगामा: प्रशासन ने काटी हॉस्टल की बिजली, डीजे पर रोक से छात्रों का प्रदर्शन
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में शनिवार देर रात उस समय तनाव का माहौल बन गया, जब विश्वविद्यालय प्रशासन ने विभिन्न छात्रावासों की बिजली आपूर्ति अचानक काट दी। यह कदम कथित तौर पर उन छात्रों को रोकने के लिए उठाया गया था जो देर रात डीजे बजाने की तैयारी कर रहे थे या बजा रहे थे। बिजली गुल होते ही छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने इसे प्रशासन की ‘तानाशाही’ करार देते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
छात्रों का कहना था कि वे सामान्य रूप से जश्न मना रहे थे, जैसा कि हर साल होता है, और प्रशासन द्वारा बिजली काटना उनकी स्वतंत्रता पर सीधा हमला है। कई छात्रों ने आरोप लगाया कि प्रशासन जानबूझकर उनके छोटे-मोटे आयोजनों को बाधित करने की कोशिश कर रहा है। छात्रावासों से निकलकर बड़ी संख्या में छात्र इकट्ठा हुए और ‘विश्वविद्यालय प्रशासन मुर्दाबाद’ के नारे लगाने लगे। कुछ छात्रों ने कुलपति आवास की ओर मार्च करने का प्रयास भी किया, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें बीच रास्ते में ही रोक दिया, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। छात्रों की मुख्य मांग तत्काल बिजली की बहाली और डीजे बजाने की अनुमति थी। उनका कहना था कि बिजली कटने से न केवल उनके मनोरंजन में बाधा आई है, बल्कि पढ़ाई-लिखाई और अन्य दैनिक गतिविधियों में भी परेशानी हो रही है।
इस पूरे मामले पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, आंतरिक सूत्रों का मानना है कि यह कदम परिसर में शांति व्यवस्था बनाए रखने, ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने और निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया होगा। ज्ञात हो कि परिसर में देर रात होने वाले आयोजनों और तेज आवाज में संगीत बजाने को लेकर पहले भी शिकायतें आती रही हैं। प्रशासन का तर्क हो सकता है कि ऐसे आयोजन अन्य छात्रों की पढ़ाई में बाधा डालते हैं और परिसर के माहौल को प्रभावित करते हैं।
यह घटना एक बार फिर बीएचयू परिसर में छात्र समुदाय और प्रशासन के बीच पनप रहे तनाव को उजागर करती है। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे। फिलहाल, स्थिति नियंत्रण में है लेकिन परिसर में गहमागहमी बनी हुई है। विश्वविद्यालय प्रशासन को इस संवेदनशील मामले को सुलझाने के लिए छात्रों के साथ संवाद स्थापित करने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी स्थितियों से बचा जा सके।
