धान लदी ट्रक में भीषण आग, चालक ने कूदकर बचाई जान
बिलासपुर, [तारीख]: बीती रात बिलासपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक भीषण सड़क हादसा होते-होते बचा, जब धान से लदे एक अनियंत्रित ट्रक में अचानक भयानक आग लग गई। इस खौफनाक मंजर के बीच, ट्रक चालक ने अपनी असाधारण सूझबूझ और गजब की फुर्ती का परिचय देते हुए अपनी जान बचा ली, हालांकि लाखों रुपये मूल्य का धान और स्वयं ट्रक भी इस अग्निकांड में जलकर पूरी तरह खाक हो गया।
यह हृदय विदारक घटना देर रात लगभग 2:30 बजे के आसपास की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, धान से लदा यह ट्रक बिलासपुर से रायपुर की दिशा में तीव्र गति से आगे बढ़ रहा था। अचानक, सकरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक सुनसान हिस्से में, ट्रक के इंजन वाले भाग से घना धुंआ उठना शुरू हुआ। पलक झपकते ही, धुंआ आग की लपटों में तब्दील हो गया और तेजी से पूरे वाहन को अपनी चपेट में लेने लगा।
ट्रक चालक, जिसकी पहचान [चालक का नाम – जैसे रमेश कुमार] के रूप में हुई है, ने स्थिति की गंभीरता को तुरंत भांप लिया। उसने बिना एक क्षण गंवाए, अपनी जान की परवाह न करते हुए, जलते हुए ट्रक को सड़क के किनारे सुरक्षित रोका और तेजी से चलती गाड़ी से ही छलांग लगा दी। कूदने के कारण उन्हें हल्की खरोंचें और मामूली चोटें आईं, लेकिन इस साहसिक कदम ने उनकी जिंदगी बचा ली। कुछ ही पलों में आग ने रौद्र रूप धारण कर लिया और देखते ही देखते धान के विशाल ढेर ऊंची, भयावह लपटों में बदल गए, जिनसे आसमान तक लालिमा छा गई।
हादसे की सूचना मिलते ही, स्थानीय पुलिस बल और दमकल विभाग की कई गाड़ियां तत्काल घटनास्थल पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने आग बुझाने के लिए घंटों कड़ी मशक्कत की, लेकिन आग की भयावहता इतनी अधिक थी कि जब तक उस पर पूर्ण रूप से काबू पाया जाता, तब तक ट्रक का अधिकांश ढांचा और उसमें लदा समस्त धान जलकर राख के ढेर में बदल चुका था। आग लगने का प्रारंभिक कारण तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है।
इस घटना के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात अवरुद्ध रहा, जिससे यात्रियों को असुविधा हुई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए यातायात को अन्य मार्ग से सुचारु करवाया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए गहन छानबीन जारी है। यह दुर्घटना एक बार फिर से सड़क पर चलने वाले वाहनों के नियमित रखरखाव और सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन की महत्ता को रेखांकित करती है, ताकि भविष्य में ऐसे जानलेवा हादसों से बचा जा सके।
