मिलावटखोरों पर शिकंजा: होली से पहले 278 किलो मिलावटी बेसन और 135 किलो अमानक नमकीन जब्त, स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई
त्योहारों का उत्साह अक्सर कुछ बेईमान व्यापारियों के लिए मुनाफा कमाने का अवसर बन जाता है, जहां वे लोगों के स्वास्थ्य को ताक पर रखकर मिलावटी खाद्य पदार्थों का धंधा करते हैं। इसी क्रम में, होली के पावन पर्व से ठीक पहले, खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए, 278 किलोग्राम मिलावटी बेसन और 135 किलोग्राम अमानक नमकीन जब्त कर ली है। यह कार्रवाई शहर के एक व्यस्त इलाके में स्थित एक संदिग्ध गोदाम पर की गई, जहां से बड़े पैमाने पर मिलावटी सामान बाजार में खपाने की तैयारी चल रही थी।
विभाग को लंबे समय से इस गोदाम के बारे में शिकायतें मिल रही थीं, जिसमें बताया गया था कि यहां स्वास्थ्य के लिए हानिकारक सामग्री का इस्तेमाल कर खाद्य पदार्थ बनाए जा रहे हैं। इन शिकायतों के आधार पर, खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की एक विशेष टीम ने योजनाबद्ध तरीके से गोदाम पर छापा मारा। छापे के दौरान, टीम ने पाया कि बेसन और नमकीन जैसी सामग्री को बेहद अस्वच्छ वातावरण में, बिना किसी मानक प्रक्रिया का पालन किए तैयार और पैक किया जा रहा था। बेसन में रंग और अन्य सस्ते पदार्थों की मिलावट की आशंका जताई जा रही है, जबकि जब्त की गई नमकीन में भी घटिया तेल और सामग्री के प्रयोग का संदेह है।
मौके पर मौजूद अधिकारियों ने तुरंत 278 किलो बेसन और 135 किलो नमकीन को अपने कब्जे में ले लिया। इन जब्त किए गए खाद्य पदार्थों के नमूने तत्काल प्रभाव से लेकर विस्तृत जांच के लिए राज्य की खाद्य प्रयोगशाला में भेजे गए हैं। प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही इन सामग्रियों की गुणवत्ता और मिलावट का स्तर स्पष्ट हो पाएगा। हालांकि, शुरुआती जांच में ही यह स्पष्ट हो गया है कि ये उत्पाद मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त थे और इनसे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती थीं, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों में।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने इस कार्रवाई के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह मिलावटखोरों के खिलाफ एक स्पष्ट संदेश है। उन्होंने जनता से भी अपील की कि वे त्योहारों के दौरान केवल विश्वसनीय स्रोतों से ही खाद्य सामग्री खरीदें और किसी भी संदिग्ध उत्पाद या विक्रेता की जानकारी तत्काल विभाग को दें। विभाग भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रखेगा ताकि लोगों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध हो सकें और मिलावटखोरों पर लगाम कसी जा सके।
