नाव हादसे के बाद प्रशासन सख्त: सादी वर्दी में एसीपी ने पकड़ी नाविकों की मनमानी, यात्रियों की जान जोखिम में
हाल ही में हुए एक दुखद नाव हादसे ने नदी मार्गों पर यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना के बाद प्रशासन हरकत में आया है और जमीनी हकीकत जानने के लिए एक सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) ने एक अनोखा तरीका अपनाया। उन्होंने सादी वर्दी में नदी घाटों का औचक दौरा किया, और इस दौरान जो दृश्य सामने आए, वे बेहद चिंताजनक थे। कई नाविक अपनी मनमानी करते और यात्रियों की जान को जोखिम में डालते हुए पाए गए।
जानकारी के अनुसार, एसीपी ने आम नागरिक बनकर शहर के प्रमुख घाटों पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उनका मकसद था बिना किसी पूर्व सूचना के यह देखना कि नाव चालक सुरक्षा नियमों का कितना पालन कर रहे हैं। औचक निरीक्षण के दौरान, एसीपी ने देखा कि कई नाविक क्षमता से अधिक यात्रियों को अपनी नावों में बैठाकर नदी पार करवा रहे थे। सुरक्षा उपकरणों, जैसे कि लाइफ जैकेट, का तो नामोनिशान नहीं था या वे इतनी खराब हालत में थे कि उनका इस्तेमाल करना ही बेमानी था। कुछ नावों में तो आग बुझाने के यंत्र भी नहीं थे, जो किसी आपात स्थिति में बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
एसीपी ने यह भी पाया कि नाविकों द्वारा मनमाने ढंग से किराया वसूला जा रहा था और कई बार तो यात्रियों के साथ बदसलूकी भी की जा रही थी। वे बिना किसी डर के सरकारी नियमों और दिशा-निर्देशों की धज्जियां उड़ा रहे थे। जब एसीपी ने अपनी पहचान उजागर की, तो घाट पर हड़कंप मच गया। नाविकों में अफरा-तफरी मच गई और कई ने मौके से भागने की कोशिश की।
एसीपी ने तत्काल प्रभाव से कई दोषी नाविकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए और चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्थानीय पुलिस और जल परिवहन विभाग को भी सख्त निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से निरीक्षण करें और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। यह घटना इस बात की ओर इशारा करती है कि केवल नियम बना देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है। यात्रियों को भी अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना चाहिए और लापरवाही बरतने वाले नाविकों की शिकायत करनी चाहिए। प्रशासन को उम्मीद है कि इस तरह के औचक निरीक्षण से स्थिति में सुधार आएगा और नदी यात्राएं अधिक सुरक्षित बनेंगी।
