शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने आरोपों को नकारा, जताई हत्या की आशंका
परम पूज्य शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह से झूठा और निराधार बताया है। बृहस्पतिवार को केदार घाट स्थित अपने मठ में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने न केवल इन आरोपों का खंडन किया, बल्कि अपनी हत्या की गहरी आशंका भी व्यक्त की, जिससे वहां उपस्थित सभी लोग अचंभित रह गए।
शंकराचार्य जी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कुछ असामाजिक तत्व उनकी छवि खराब करने और उनके आध्यात्मिक कार्यों में बाधा डालने के लिए जानबूझकर ऐसे मनगढ़ंत आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने इन आरोपों के पीछे एक सोची-समझी साजिश का संकेत दिया, जिसका उद्देश्य उन्हें बदनाम करना और उनके अनुयायियों में भ्रम फैलाना है। उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा कि वे हमेशा धर्म और सत्य के मार्ग पर अडिग रहे हैं और ऐसे किसी भी कपटपूर्ण प्रयास से डरने वाले नहीं हैं।
सबसे गंभीर बात तब सामने आई जब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी ने खुले तौर पर अपनी जान को खतरा बताया। उन्होंने कहा कि उनके बढ़ते प्रभाव और सनातन धर्म के प्रति उनके अटूट समर्पण से कुछ शक्तियां भयभीत हैं, और वे उन्हें रास्ते से हटाने की कोशिश कर सकती हैं। एक उच्च आध्यात्मिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा दिया गया यह अत्यंत गंभीर बयान निश्चित रूप से प्रशासन और उनके समर्थकों के लिए गहरी चिंता का विषय बन गया है।
केदार घाट के मठ में आयोजित इस प्रेस वार्ता में शंकराचार्य जी का दृढ़ संकल्प और स्पष्टवादिता साफ झलक रही थी। उन्होंने पत्रकारों से आग्रह किया कि वे सत्य को सामने लाएं और इन झूठे आरोपों के पीछे की असलियत को उजागर करें। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि वे किसी भी जांच के लिए पूरी तरह से तैयार हैं और उन्हें अपने निर्दोष होने का पूरा विश्वास है। उनकी इस साहसिक घोषणा ने आम जनता को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर ऐसे पूज्य संत पर ऐसे आरोप क्यों लगाए जा रहे हैं।
