रोडवेज का ‘ऑपरेशन क्लीन’: 95 यात्री बिना टिकट पकड़े गए, लाखों का जुर्माना वसूला
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) ने राजस्व रिसाव को रोकने और यात्रियों में टिकट खरीदने की आदत को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया है। मंगलवार देर शाम प्रदेश के विभिन्न जिलों में औचक निरीक्षण के दौरान, चलती रोडवेज बसों में 95 यात्रियों को बिना वैध टिकट के यात्रा करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। इस व्यापक चेकिंग अभियान ने बिना टिकट यात्रा करने वालों के बीच हड़कंप मचा दिया। परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक (MD) के विशेष निर्देशों पर गठित टीमों ने प्रमुख बस अड्डों और अंतर-राज्यीय मार्गों पर अपनी पैनी नजर रखी। चेकिंग दल ने बसों को बीच रास्ते में रोककर या बस अड्डों पर पहुंचने के बाद अचानक यात्रियों के टिकटों की जांच शुरू की। इस दौरान कई यात्रियों ने टिकट न होने का बहाना बनाया, जबकि कुछ यात्रियों ने माना कि उन्होंने जल्दबाजी में टिकट नहीं खरीदा था। पकड़े गए सभी 95 यात्रियों से नियमानुसार जुर्माना वसूला गया, जिसमें यात्रा का पूरा किराया और निर्धारित पेनल्टी शामिल थी। जानकारी के अनुसार, इस कार्रवाई से रोडवेज को लाखों रुपये का तात्कालिक राजस्व प्राप्त हुआ, जो कि अक्सर होने वाले राजस्व नुकसान को कुछ हद तक पूरा करने में सहायक होगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “यह अभियान हमारी नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसे यात्रियों को जिम्मेदार नागरिक बनने और अपनी यात्रा का टिकट खरीदने के लिए प्रेरित करने हेतु तेज किया गया है। बिना टिकट यात्रा करना न केवल निगम के नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे सरकार को मिलने वाले राजस्व का भी सीधा नुकसान होता है, जिससे सार्वजनिक सुविधाओं के विकास में बाधा आती है।” उन्होंने आगे कहा, “हमारा लक्ष्य है कि हर यात्री टिकट लेकर यात्रा करे, जिससे रोडवेज की सेवाओं में और सुधार किया जा सके।” यह अचानक की गई छापेमारी कई यात्रियों के लिए एक सबक साबित हुई। परिवहन निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह पहल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे यात्रियों को बेहतर सेवाएँ मिल सकें।
