महाराष्ट्र पुलिस अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट: तीन लाख की ठगी का नया तरीका
आजकल डिजिटल ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, और साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां एक ठग ने खुद को महाराष्ट्र पुलिस का अधिकारी बताकर एक व्यक्ति को ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर धमकाया और उससे तीन लाख रुपये ठग लिए।
यह घटना दर्शाती है कि जालसाज कितने शातिर हो गए हैं। अक्सर ये अपराधी वीडियो कॉल के जरिए संपर्क करते हैं, जहां वे पुलिस वर्दी में या किसी सरकारी अधिकारी के रूप में दिखाई देते हैं। वे पीड़ित को बताते हैं कि उसके खिलाफ कोई गंभीर मामला दर्ज है, जैसे मनी लॉन्ड्रिंग या ड्रग्स से जुड़ा अपराध। पीड़ित को इतना डराया जाता है कि वह अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए कुछ भी करने को तैयार हो जाता है।
इस विशेष मामले में, ठग ने पीड़ित को विश्वास दिलाया कि उसे ‘डिजिटल रूप से गिरफ्तार’ किया गया है और अगर वह तुरंत पैसे नहीं देता है तो उसे जेल भेज दिया जाएगा। डर के मारे, पीड़ित ने ठग के बताए गए बैंक खाते में तीन लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में उसे एहसास हुआ कि वह ठगी का शिकार हो गया है।
पुलिस कभी भी फोन या वीडियो कॉल पर किसी को ‘डिजिटल अरेस्ट’ नहीं करती और न ही पैसे की मांग करती है। ऐसी कोई भी कॉल आने पर तुरंत सचेत हो जाएं। किसी भी अनजान नंबर या व्यक्ति की बातों पर भरोसा न करें, खासकर जब वह पैसे की मांग करे या बैंक डिटेल्स मांगे। हमेशा आधिकारिक चैनलों से जानकारी सत्यापित करें। अगर आपको ऐसी कोई संदिग्ध कॉल आती है, तो तुरंत अपने स्थानीय पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर इसकी सूचना दें। सतर्कता ही आपको ऐसी ठगी से बचा सकती है।
