पश्चिमी विक्षोभ और बादलों का असर: दिन में ठिठुरन, रातें 16 डिग्री के पार गर्म

0

आजकल मौसम का मिजाज कुछ अजीब सा हो चला है। जहां दिन भर आसमान में बादलों का घेरा रहने और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है, वहीं रातें अपेक्षाकृत गर्म बनी हुई हैं। यह विरोधाभास लोगों को हैरान कर रहा है। दिन के समय सूरज देवता बादलों की ओट में छिपे रहते हैं, जिससे धूप की गर्माहट धरती तक नहीं पहुंच पाती और दिन भर ठिठुरन बनी रहती है। शीतल हवाएं इस ठंड को और भी बढ़ा देती हैं, जिससे लोग गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आते हैं।

पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत के कई हिस्सों में बादल छाए हुए हैं, जिसने दिन के तापमान में गिरावट ला दी है। सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है और बाजारों में भी रौनक कम दिखाई देती है। गर्म चाय की चुस्कियां और अलाव ही लोगों के लिए इस सर्द दिन से मुकाबला करने का एकमात्र सहारा बन रहे हैं।

लेकिन जैसे ही शाम ढलती है और रात का आगोश छाता है, मौसम अपनी दूसरी करवट लेता है। न्यूनतम तापमान में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की जा रही है। कई स्थानों पर तो रात का तापमान 16 डिग्री सेल्सियस का आंकड़ा पार कर गया है, जो इस मौसम के हिसाब से काफी असामान्य है। आमतौर पर इतनी ठंड में रातें सर्द और ठिठुरन भरी होती हैं, लेकिन इन दिनों रात में उतनी ठंड महसूस नहीं हो रही जितनी दिन में हो रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बादलों की मौजूदगी एक तरह से कंबल का काम कर रही है। ये बादल दिन में सूर्य की किरणों को धरती तक पहुंचने से रोकते हैं, जिससे दिन ठंडा रहता है, लेकिन रात में ये धरती से निकलने वाली गर्मी को अंतरिक्ष में जाने से भी रोकते हैं, जिसकी वजह से रातें अपेक्षाकृत गर्म बनी हुई हैं। इस अनूठी मौसमी परिस्थिति ने लोगों की दिनचर्या और कपड़ों के चुनाव को प्रभावित किया है। दिन में जहां भारी ऊनी कपड़ों की जरूरत पड़ रही है, वहीं रात में लोग थोड़ी राहत महसूस कर रहे हैं। यह स्थिति कब तक बनी रहेगी, यह देखना दिलचस्प होगा, क्योंकि फिलहाल मौसम के इस दोहरे चरित्र से लोग थोड़े असमंजस में हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *