धारदार हथियार से जानलेवा हमला: पांच दिन बाद छह आरोपियों पर मामला दर्ज, पुलिस जांच में जुटी
उत्तर प्रदेश के एक शांत मोहल्ले में हुई एक भयावह घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। बीते मंगलवार को एक युवक पर धारदार हथियारों से जानलेवा हमला किया गया था। इस दिल दहला देने वाली घटना के पांच दिन बाद, अब जाकर पुलिस ने छह नामजद आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। इस देरी ने स्थानीय निवासियों और पीड़ित परिवार के बीच पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर इतने गंभीर मामले में कार्रवाई करने में पुलिस को पांच दिन का लंबा समय क्यों लगा।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार की शाम करीब 8 बजे पीड़ित राहुल सिंह अपने काम से घर लौट रहा था। मुख्य बाजार से गुजरते हुए तभी कुछ अज्ञात हमलावरों ने उसे सुनियोजित तरीके से रास्ते में घेर लिया। इससे पहले कि राहुल कुछ समझ पाता, हमलावरों ने उस पर धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उसे नजदीकी जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है और वह आईसीयू में जीवन-मृत्यु से जूझ रहा है।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि उन्होंने घटना के तुरंत बाद स्थानीय थाना में सूचना दी थी और लिखित शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन उनकी शिकायत पर तत्काल कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। परिवार ने आरोप लगाया कि कुछ स्थानीय प्रभावशाली लोगों के दबाव में पुलिस ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। पांच दिनों तक चले दबाव, मीडिया की कवरेज और पीड़ित परिवार की लगातार गुहार के बाद, पुलिस ने आखिरकार इस मामले में छह व्यक्तियों – सुरेश, रमेश, दिनेश समेत कुछ अन्य – के खिलाफ हत्या के प्रयास और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है।
पुलिस अधीक्षक श्रीमान राजेश कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। यह दल जल्द से जल्द सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास करेगा। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि इस पूरे प्रकरण में हुई देरी के पीछे के कारणों की भी गहन जांच की जाएगी और यदि कोई पुलिसकर्मी लापरवाही का दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इलाके में तनाव का माहौल है, और लोग प्रशासन से त्वरित और निष्पक्ष न्याय की उम्मीद कर रहे हैं ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
