गंगा में डूबे दो युवक: तुलसी घाट पर मातम
रविवार की सुबह वाराणसी के भेलूपुर थाना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक तुलसी घाट पर उस समय मातम पसर गया, जब गंगा स्नान के दौरान दो युवकों की जल समाधि हो गई। यह हृदय विदारक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। प्रतिदिन की तरह ही रविवार की सुबह भी तुलसी घाट पर श्रद्धालुओं की चहल-पहल थी। लोग आस्था की डुबकी लगाने और पुण्य कमाने के लिए गंगा मैया के तट पर पहुंचे थे। इसी बीच, दो युवक, जिनकी पहचान अभी प्रारंभिक तौर पर नहीं हो पाई है, गंगा की शीतल धाराओं में स्नान करने उतरे।
पहले तो सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन धीरे-धीरे वे गहराई की ओर बढ़ने लगे। शायद उन्हें गंगा की अथाह गहराई का अंदाजा नहीं था, या फिर किसी भंवर में फंस गए। देखते ही देखते दोनों युवक जल में संघर्ष करते हुए दिखाई दिए। घाट पर मौजूद अन्य स्नानार्थियों और नाविकों की नजर उन पर पड़ी। तुरंत अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया, ‘कोई बचाओ, कोई बचाओ!’ कुछ साहसी लोग उन्हें बचाने के लिए दौड़े भी, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। दोनों युवक गंगा की लहरों में ओझल हो गए।
घटना की खबर आग की तरह फैली। देखते ही देखते घाट पर भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और जल पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंच गई। गोताखोरों को बुलाया गया और युवकों की तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल सका। इस बीच, जैसे ही युवकों के परिजनों को इस दुखद खबर का पता चला, उनका कलेजा फट गया। रोते-बिलखते परिजन घाट पर पहुंचे और गंगा किनारे बैठकर अपने बेटों के सकुशल वापस आने की दुआ करने लगे। उनकी चीख-पुकार से पूरा माहौल गमगीन हो उठा। हर आंख नम थी और हर कोई इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से स्तब्ध था। एक पल पहले तक जहां आस्था और शांति का माहौल था, वहीं अब केवल चीत्कार और वेदना ही सुनाई दे रही थी। यह घटना एक बार फिर गंगा स्नान के दौरान बरती जाने वाली सावधानी की ओर इशारा करती है। प्रशासन और स्थानीय लोगों को मिलकर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
