कृषि मंत्री का भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान दौरा: कृषि विकास में नए आयाम
देश के कृषि विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से, केंद्रीय कृषि मंत्री ने हाल ही में वाराणसी स्थित भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (आईआईवीआर) का प्रक्षेत्र भ्रमण किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य संस्थान में चल रहे नवीन शोध कार्यों और उन्नत कृषि तकनीकों का प्रत्यक्ष अवलोकन करना था। मंत्री महोदय ने संस्थान के विभिन्न अनुभागों का दौरा किया, जहां उन्होंने वैज्ञानिकों द्वारा विकसित की जा रही सब्जियों की नई किस्मों, कीट-रोग प्रतिरोधी प्रजातियों और जैविक खेती के तरीकों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
अपने भ्रमण के दौरान, कृषि मंत्री ने वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के साथ गहन चर्चा की। उन्होंने किसानों की आय दोगुनी करने और कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता लाने के सरकार के लक्ष्य को प्राप्त करने में अनुसंधान की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। मंत्री ने विशेष रूप से उन परियोजनाओं में गहरी रुचि दिखाई जो किसानों को कम लागत में अधिक उपज प्राप्त करने में मदद कर सकती हैं, साथ ही जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का सामना करने में सक्षम किस्मों के विकास पर भी बल दिया।
उन्होंने संस्थान द्वारा विकसित किए गए आधुनिक बीज उत्पादन इकाइयों और संरक्षित खेती की तकनीकों का भी अवलोकन किया। मंत्री महोदय ने कहा कि आईआईवीआर जैसे संस्थान देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसानों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने वैज्ञानिकों को उनके अथक प्रयासों के लिए सराहा और भविष्य में भी कृषि अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
मंत्री के इस दौरे से वैज्ञानिकों का मनोबल बढ़ा है और उम्मीद है कि इससे सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में नई क्रांति आएगी। इस अवसर पर कृषि विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय किसान भी उपस्थित थे, जिन्होंने संस्थान के कार्यों की सराहना की। यह दौरा कृषि क्षेत्र में नवाचार और विकास को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
