आशा देवी हत्याकांड: फूलपुर के कठिरांव लाठियां में खूनी वारदात, पति ने दर्ज कराई FIR
फूलपुर क्षेत्र का कठिरांव लाठियां गांव, जो अपनी शांति और सामान्य जीवन के लिए जाना जाता था, 25 फरवरी की सुबह एक भयावह घटना का गवाह बना। इस दिन की शुरुआत तो सामान्य थी, लेकिन दोपहर होते-होते गांव में मातम और सनसनी फैल गई। आशा देवी, एक गृहिणी जिनका जीवन अपने घर-परिवार तक सीमित था, उनकी रक्तरंजित देह उनके ही घर के भीतर मिली। यह दृश्य इतना वीभत्स था कि जिसने भी देखा, वह सिहर उठा। घर के भीतर हर तरफ बिखरा सामान और खून के धब्बे चीख-चीखकर किसी अनहोनी की दास्तान बयां कर रहे थे।
यह खबर जंगल में आग की तरह फैल गई। किसी ने सोचा भी नहीं था कि उनके बीच ऐसा कुछ घटित हो सकता है। आशा देवी के पति, जिनका नाम यहाँ स्पष्ट नहीं है, जब इस हृदय विदारक दृश्य से रूबरू हुए, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उनका संसार एक पल में उजड़ गया था। अपनी पत्नी को इस हालत में देखकर उनका कलेजा फट गया। गम और सदमे के बावजूद, उन्होंने हिम्मत जुटाई और तुरंत स्थानीय चौकी कठिरांव में घटना की जानकारी दी। उन्होंने थाने में एक विस्तृत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने इस निर्मम हत्या के पीछे के दोषियों को ढूंढने और उन्हें सजा दिलाने की गुहार लगाई।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटनास्थल का मुआयना किया और आवश्यक कानूनी कार्यवाही शुरू की। गांव में पुलिस की चहलकदमी और जांच-पड़ताल ने एक अजीब सा माहौल बना दिया। हर कोई स्तब्ध था, और हर चेहरा आशंकाओं से घिरा था। लोग आपस में फुसफुसाते, लेकिन कोई ठोस जानकारी किसी के पास नहीं थी। यह घटना सिर्फ एक परिवार तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसने पूरे गांव की आत्मा को झकझोर दिया था। सभी को बस एक ही उम्मीद थी कि जल्द से जल्द इस रहस्य से पर्दा उठे और आशा देवी के हत्यारों को कानून के कटघरे में खड़ा किया जाए। इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि घर की चारदीवारी के भीतर भी कोई कितना सुरक्षित है। गांव का माहौल गमगीन और भयभीत था, और हर कोई न्याय की उम्मीद लगाए बैठा था।
