आजमगढ़ में होली की खुशियां मातम में बदलीं: पोखरे में डूबने से दो युवतियों की मौत
आजमगढ़। रंगों का पर्व होली पूरे देश में उमंग और उत्साह के साथ मनाया जाता है। हर तरफ खुशियां बिखरी होती हैं, लोग एक-दूसरे को रंग लगाकर बधाई देते हैं और मिठाइयां बांटते हैं। लेकिन इस बार आजमगढ़ के निजामाबाद थाना क्षेत्र स्थित फत्तनपुर मुस्तफाबाद गांव के लिए होली का यह पावन पर्व खुशियों की बजाय गहरे मातम का पैगाम लेकर आया। गांव में हर तरफ बिखरी होली की रौनक अचानक चीख-पुकार और सन्नाटे में बदल गई।
यह हृदय विदारक घटना उस समय घटी जब गांव की दो मासूम युवतियां, जिनकी जिंदगी अभी शुरू ही हुई थी, एक पोखरे में डूब गईं। इस हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया। जहां सुबह तक पिचकारी और गुलाल की मस्ती थी, वहीं दोपहर होते-होते गम और उदासी छा गई। परिजनों के रोने-बिलखने की आवाज से पूरा वातावरण गमगीन हो गया। कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था कि रंगों का यह त्योहार इतनी भयावह त्रासदी में बदल जाएगा।
घटना की खबर फैलते ही गांव में हड़कंप मच गया। लोग तेजी से मौके की ओर दौड़े, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। दोनों युवतियों को पोखरे से बाहर निकाला गया, लेकिन उनकी सांसे थम चुकी थीं। यह दृश्य देख हर आंख नम हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि युवतियां किसी काम से पोखरे के पास गई थीं और अनजाने में गहरे पानी में चली गईं। पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
इस दुखद घटना ने न सिर्फ दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है, बल्कि पूरे फत्तनपुर मुस्तफाबाद गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। होली की सारी खुशियां एकाएक धुंधली पड़ गईं। गांव का हर व्यक्ति इस घटना से स्तब्ध है और गहरे सदमे में है। यह होली गांव वालों के लिए एक ऐसी कड़वी याद बन गई है, जिसे शायद ही वे कभी भूल पाएंगे।
