अवैध संचालन पर परिवहन विभाग का शिकंजा: दो स्लीपर बसें जब्त, 20 वाहनों का चालान
परिवहन विभाग ने अवैध रूप से संचालित वाहनों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। हाल ही में की गई औचक जांच के दौरान, दो स्लीपर बसें बिना उचित कागजात के सड़कों पर दौड़ती पाई गईं, जिसके बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से जब्त कर लिया गया। यह घटना उन वाहन मालिकों के लिए एक कड़ी चेतावनी है जो नियमों का उल्लंघन कर यात्रियों की जान जोखिम में डालते हैं और सरकारी राजस्व को चूना लगाते हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, परिवहन विभाग की टीम ने देर रात विभिन्न चेकपोस्टों और प्रमुख मार्गों पर गहन जांच अभियान चलाया। इसी दौरान, गोरखपुर से दिल्ली और लखनऊ की ओर जा रही दो स्लीपर बसों को रोका गया। प्रारंभिक जांच में ही यह स्पष्ट हो गया कि दोनों बसों के पास न तो वैध परमिट थे और न ही उनके फिटनेस प्रमाण पत्र अद्यतन थे। यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ और नियमों की घोर अनदेखी को देखते हुए, विभाग ने तुरंत दोनों बसों को जब्त करने का आदेश दिया।
इस अभियान के दौरान, केवल स्लीपर बसें ही नहीं, बल्कि विभिन्न प्रकार के कुल 20 अन्य वाहनों को भी पकड़ा गया। इन वाहनों के चालकों को ओवरलोडिंग, बिना लाइसेंस ड्राइविंग, बीमा न होना, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र का अभाव और अन्य मोटर वाहन अधिनियम के उल्लंघनों के लिए भारी जुर्माना लगाया गया। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार की औचक जांच और कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी ताकि सड़कों पर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और अवैध परिवहन पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह कार्रवाई न केवल अवैध संचालकों पर लगाम कसने में मदद करेगी, बल्कि वैध तरीके से काम कर रहे ट्रांसपोर्टरों के लिए भी समान अवसर सुनिश्चित करेगी। परिवहन विभाग ने सभी वाहन मालिकों और चालकों से अपील की है कि वे अपने सभी आवश्यक दस्तावेज अद्यतन रखें और यातायात नियमों का पालन करें ताकि किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।
