राज्य मंत्री ने ‘उत्तर चेतना स्मारिका’ का विमोचन किया
आज स्थानीय सर्किट हाउस में एक गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया, जहाँ माननीय राज्य मंत्री महोदय ने ‘उत्तर चेतना स्मारिका’ का भव्य विमोचन किया। यह स्मारिका राज्य के समग्र विकास और जन-जागरूकता को समर्पित एक महत्वपूर्ण प्रकाशन है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को उनकी सांस्कृतिक विरासत, वर्तमान उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं से अवगत कराना है।
इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए, राज्य मंत्री ने ‘उत्तर चेतना’ के महत्व पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक स्मारिका नहीं, बल्कि सामूहिक प्रयासों और प्रगति की भावना का प्रतीक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राज्य के विकास में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है, और यह स्मारिका उसी दिशा में एक सशक्त कदम है। इसमें उन कहानियों को संकलित किया गया है जो हमें अपनी जड़ों से जोड़ती हैं और साथ ही उन नवाचारों को भी दर्शाती हैं जो हमें भविष्य की ओर ले जा रहे हैं।
मंत्री महोदय ने आगे बताया कि स्मारिका में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों – जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन – में हुए उल्लेखनीय कार्यों और सफलताओं का विस्तृत विवरण दिया गया है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से इस स्मारिका को पढ़ने और इसमें वर्णित प्रेरणादायक कहानियों से सीख लेने का आग्रह किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘उत्तर चेतना’ आम लोगों को अपने आसपास सकारात्मक बदलाव लाने और राज्य की प्रगति में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित करेगी।
इस विमोचन समारोह में कई वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद, लेखक और समाज के विभिन्न वर्गों से आए गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। सभी ने इस पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की और इसे सूचना के प्रसार तथा जन-जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक मील का पत्थर बताया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें मंत्री ने स्मारिका की टीम और सभी उपस्थित लोगों को उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। ‘उत्तर चेतना स्मारिका’ निश्चित रूप से राज्य के बौद्धिक और सामाजिक परिदृश्य में एक नई ऊर्जा का संचार करेगी।
