भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अनुसूचित जनजाति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने आज राजधानी में एक विशाल प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन राज्य सरकार की आदिवासी विरोधी नीतियों और उनके हितों की अनदेखी के खिलाफ था। मोर्चा के हजारों कार्यकर्ता, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं, हाथों में तख्तियां और झंडे लिए शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे।
प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए, मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री रमेश सिंह गोंड ने कहा कि राज्य सरकार आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन के अधिकारों का लगातार हनन कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने कई कल्याणकारी योजनाओं को बंद कर दिया है, जिससे आदिवासी समुदाय के लोग मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित हो रहे हैं। श्री गोंड ने जोर देकर कहा कि भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी कीमत पर उनके साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं करेगा।
प्रदर्शनकारियों ने ‘आदिवासी विरोधी सरकार हाय-हाय’, ‘हमारे अधिकार वापस दो’, ‘जल, जंगल, जमीन हमारा है’ जैसे नारे लगाए। उन्होंने सरकार से आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने की मांग की। एक ज्ञापन भी राज्यपाल को संबोधित करते हुए जिला कलेक्टर को सौंपा गया, जिसमें उनकी मुख्य मांगों का विस्तृत उल्लेख था।
महिला कार्यकर्ताओं ने विशेष रूप से सरकार पर आदिवासी महिलाओं और बच्चों के प्रति उदासीनता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पोषण और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण आदिवासी क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर चिंताजनक बनी हुई है।
मोर्चा के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया और जल्द ही उचित कदम नहीं उठाए, तो यह आंदोलन और भी उग्र रूप धारण करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि आगामी चुनावों में आदिवासी समुदाय सरकार को सबक सिखाएगा। यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा लेकिन इसने सरकार तक अपनी बात पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि वे अपने समुदाय के हक के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
