बीएचयू में आधी रात कुलपति आवास के बाहर छात्रों का प्रदर्शन, परिसर में तनाव
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) एक बार फिर आधी रात को छात्रों के विरोध प्रदर्शन का गवाह बना, जब सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं अपनी लंबित मांगों को लेकर कुलपति आवास के बाहर जमा हो गए। यह घटना कल देर रात करीब 12 बजे शुरू हुई, जिसने परिसर की शांति भंग कर दी और तत्काल तनाव का माहौल पैदा कर दिया।
छात्रों का यह विरोध प्रदर्शन विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा हाल ही में लिए गए कुछ फैसलों और लंबे समय से लंबित उनकी छात्रहित संबंधी मांगों को अनसुना किए जाने के खिलाफ था। प्रदर्शनकारी छात्र हाथों में तख्तियां लिए और प्रशासन विरोधी नारे लगाते हुए कुलपति से मिलने तथा अपनी समस्याओं का समाधान करने की मांग कर रहे थे। उनका आरोप था कि प्रशासन उनकी आवाज़ को दबाने की कोशिश कर रहा है और उनकी वाजिब मांगों पर कोई ध्यान नहीं दे रहा।
जैसे-जैसे रात गहराती गई और छात्रों की भीड़ बढ़ती गई, परिसर में तनाव स्पष्ट रूप से दिखने लगा। स्थिति को बेकाबू होते देख विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्थानीय पुलिस और पीएसी (प्रांतीय सशस्त्र बल) को सूचित किया। कुछ ही देर में भारी संख्या में पुलिस बल कुलपति आवास के बाहर तैनात हो गया, जिसने पूरे इलाके को एक तरह से छावनी में बदल दिया।
पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी छात्रों से बातचीत करने का प्रयास किया और उन्हें शांतिपूर्वक तितर-बितर होने की अपील की, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे। इस दौरान छात्रों और पुलिस के बीच हल्की नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई, हालांकि कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं घटी। छात्रों का कहना था कि वे तब तक नहीं हटेंगे जब तक उनकी मांगों पर ठोस आश्वासन नहीं मिल जाता।
देर रात तक चले इस प्रदर्शन के बाद, पुलिस और विश्वविद्यालय के अधिकारियों के समझाने-बुझाने पर, छात्रों को अस्थायी रूप से तितर-बितर कर दिया गया। हालांकि, परिसर में अभी भी तनाव का माहौल बना हुआ है और छात्र नेताओं ने अपनी मांगों को लेकर आगे भी आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है। इस घटना ने एक बार फिर बीएचयू में छात्र-प्रशासन संबंधों में दरार को उजागर किया है।
