बड़ागांव गोलीकांड: 50 हजार का इनामी मनीष यादव उर्फ महादेव पुणे से गिरफ्तार
बड़ागांव थाना क्षेत्र में हुए सनसनीखेज गोलीकांड ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया था। इस गंभीर वारदात के बाद से मुख्य अभियुक्त मनीष यादव उर्फ महादेव, जो धौरहरा चौबेपुर का निवासी है, लगातार पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रशासन ने 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था, जिससे उसकी तलाश और तेज हो गई थी। कई महीनों से यह शातिर अपराधी कानून की आंखों में धूल झोंककर फरार था, और उसकी फरारी पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। उत्तर प्रदेश एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मनीष यादव की धरपकड़ के लिए एक विशेष अभियान चलाया। एसटीएफ की टीमें लगातार उसकी संभावित लोकेशन पर दबिश दे रही थीं और आधुनिक तकनीक की मदद से उसे ट्रैक करने की कोशिश कर रही थीं। आखिरकार, एसटीएफ को अपनी मेहनत का फल मिला जब उन्हें सूचना मिली कि मनीष यादव महाराष्ट्र के पुणे शहर में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही एसटीएफ की एक विशेष टीम ने फौरन पुणे के लिए कूच किया। वहां पहुंचकर टीम ने बेहद गोपनीय तरीके से मनीष यादव के ठिकाने का पता लगाया और घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी एसटीएफ के लिए एक बड़ी सफलता है, क्योंकि मनीष यादव एक लंबे समय से फरार चल रहा था और उसकी वजह से पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद धूमिल होती दिख रही थी। अब मनीष यादव को पुणे से ट्रांजिट रिमांड पर उत्तर प्रदेश लाया जाएगा, जहां उससे बड़ागांव गोलीकांड से जुड़े और भी कई राज उगले जा सकते हैं। इस गिरफ्तारी से जहां एक ओर पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली है, वहीं दूसरी ओर पीड़ित परिवार को भी न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। यह घटना अपराधियों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि वे कानून की पहुंच से ज्यादा देर तक दूर नहीं रह सकते।
