दालमंडी में कड़ी सुरक्षा के बीच ध्वस्तीकरण अभियान जारी
कड़ी सुरक्षा के बीच दालमंडी क्षेत्र में ध्वस्तीकरण अभियान अपने पूरे जोर पर चल रहा है। यह अभियान, जिसका उद्देश्य अवैध कब्जों और अनधिकृत निर्माणों को हटाना है, सोमवार से ही शुरू हो चुका है, और तब से प्रशासन की कड़ी निगरानी में इसे अंजाम दिया जा रहा है। सोमवार को ध्वस्त किए गए इक्कीस भवनों का मलबा हटाने का काम भी लगातार जारी है, जिससे यह पूरा इलाका एक बड़े निर्माण स्थल जैसा प्रतीत हो रहा है।
इस अभियान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था इतनी चाक-चौबंद है कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता। दालमंडी के चप्पे-चप्पे पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और पीएसी (PAC) के जवान भी संवेदनशील इलाकों में गश्त कर रहे हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके। पूरे क्षेत्र को बैरिकेड लगाकर सील कर दिया गया है, जिससे आम लोगों की आवाजाही प्रतिबंधित है, और केवल अभियान से जुड़े कर्मियों को ही अंदर जाने की अनुमति मिल रही है। ड्रोन कैमरों से भी लगातार निगरानी की जा रही है, जिससे हर गतिविधि पर पैनी नज़र रखी जा सके।
सोमवार को जिस तरह इक्कीस भवनों को ध्वस्त किया गया, वह प्रशासन के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। ये भवन मुख्य रूप से अवैध अतिक्रमण के दायरे में आ रहे थे, जिनके कारण क्षेत्र में यातायात बाधित होता था और अव्यवस्था फैलती थी। अब इन विशाल मलबे के ढेरों को हटाने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। कई जेसीबी मशीनें और डंपर लगातार काम कर रहे हैं, ताकि जल्द से जल्द मार्ग को साफ किया जा सके और सामान्य स्थिति बहाल हो। मलबे को हटाने में मजदूरों की एक बड़ी टीम भी लगी हुई है, जो सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए अपना काम कर रही है।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर स्थानीय निवासियों और व्यापारियों में मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग जहां इसे शहरी विकास और अतिक्रमण मुक्त शहर बनाने की दिशा में एक आवश्यक कदम मान रहे हैं, वहीं कुछ ऐसे भी हैं जो इससे प्रभावित हुए हैं और अपनी चिंताओं को व्यक्त कर रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान न्यायपूर्ण तरीके से और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए चलाया जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही दालमंडी का यह क्षेत्र एक नए और व्यवस्थित स्वरूप में सबके सामने आएगा।
