तालाब में मिला लापता व्यक्ति का शव: गांव में पसरा गहरा मातम
गांव में उस दिन सुबह से ही एक अजीब सा सन्नाटा पसरा हुआ था। एक व्यक्ति के अचानक लापता हो जाने से पूरे गांव में बेचैनी फैल गई थी। परिजन, सुबह से ही उनकी तलाश में हर संभव जगह छान मार रहे थे। पहले घर के आस-पास के खेतों, फिर गांव की गलियों, बाजार और आस-पास के सभी परिचित स्थानों पर खोजबीन की गई, लेकिन उनका कोई नामो-निशान नहीं मिल रहा था। हर बीतते पल के साथ परिजनों की बेचैनी और चिंता बढ़ती जा रही थी। आंखों में नींद नहीं थी और दिल में एक अनजाना सा डर घर कर गया था। जैसे-जैसे दिन ढलने लगा और शाम की उदासी गहराने लगी, परिजनों के मन में किसी अनहोनी की आशंका और भी बलवती होती चली गई।
अंतिम उम्मीद और गहरे डर के साथ, उनकी तलाश गांव के बाहर स्थित पुराने और शांत पोखर की ओर मुड़ी। पोखर के पास पहुंचते ही एक दिल दहला देने वाला दृश्य सामने आया – किनारे पर उनकी जानी-पहचानी चप्पलें पड़ी थीं। इन चप्पलों को वहां बेजान पड़ा देखकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। उनके दिल की धड़कनें तेज हो गईं और आंखों में आंसुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। यह साफ संकेत था कि कुछ बहुत बुरा हुआ है।
तुरंत ही, यह खबर आग की तरह पूरे गांव में फैल गई। गांव के लोग बड़ी संख्या में पोखर के पास इकट्ठा हो गए। सभी मिलकर पोखर के किनारे-किनारे, उम्मीद और डर के मिश्रण के साथ तलाश करने लगे। हर कोई बस यही प्रार्थना कर रहा था कि काश यह सिर्फ एक बुरा सपना हो, और वे सुरक्षित मिल जाएं। लेकिन कुदरत को शायद कुछ और ही मंजूर था। पोखर के पूर्वी छोर पर, पानी में कुछ तैरता हुआ दिखाई दिया। जब ग्रामीण पास पहुंचे, तो जो दृश्य सामने आया, उसने सभी को अंदर तक झकझोर दिया – वो उन्हीं का बेजान शरीर था, जो पानी में उतरा रहा था। इस हृदय विदारक दृश्य को देखकर परिजनों की चीख निकल गई, और पूरे गांव में मातम पसर गया। किसी को भी यह विश्वास नहीं हो रहा था कि एक हंसता-खेलता इंसान इतनी बेरहमी से उनसे दूर चला गया। गांव वालों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया, और एक गहरा सन्नाटा पूरे माहौल पर छा गया, जो इस दुखद घटना की गवाही दे रहा था। यह घटना पूरे समुदाय के लिए एक गहरा सदमा थी, जिसने सभी के मन में एक कभी न भरने वाला शून्य छोड़ गया।
