गंगा घाटों की सुरक्षा पर महत्वपूर्ण बैठक: एडीसीपी और एसीपी ने किया मंथन
काशी के पावन घाटों पर सुरक्षा और सुव्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। एडीसीपी काशी जोन वैभव बांगर और एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान ने इस बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं थी, बल्कि गंगा नदी और इसके तटों से जुड़े विभिन्न हितधारकों के साथ गहन विचार-विमर्श का एक मंच थी। इसका मुख्य उद्देश्य आने वाले त्योहारों के मौसम और मानसून की चुनौतियों के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचाव करना था।
इस अहम सभा में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के प्रतिनिधि, जल पुलिस के अधिकारी, नाव मालिक संघ के सदस्य और अनुभवी नाव चालक उपस्थित थे। बैठक का केंद्रीय एजेंडा गंगा में नावों के सुरक्षित संचालन, यात्रियों की संरक्षा और किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित व प्रभावी बचाव कार्य सुनिश्चित करना था। एडीसीपी बांगर ने नाव मालिकों और चालकों को सुरक्षा प्रोटोडॉल का सख्ती से पालन करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने नावों की क्षमता, यात्रियों के लिए लाइफ जैकेट की उपलब्धता और आपातकालीन उपकरणों की नियमित जांच पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
एसीपी अंजान ने जल पुलिस और एनडीआरएफ के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा कि नाव चालक प्रशिक्षित हों और उन्हें आपदा प्रबंधन के बुनियादी सिद्धांतों की भी जानकारी हो। गंगा नदी में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी विभागों और स्थानीय हितधारकों का एकजुट होकर काम करना अनिवार्य है। इस बैठक में सामूहिक जिम्मेदारी और सक्रिय भागीदारी से काशी के घाटों को और अधिक सुरक्षित बनाने का संकल्प लिया गया, जिससे हर आगंतुक बिना किसी चिंता के गंगा के दिव्य अनुभव का आनंद ले सके। यह पहल निश्चित रूप से सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ कर, आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को मजबूत करेगी।
