अलीपुर में पुलिस पर हमला: हुड़दंग रोकने पर दरोगा और सिपाही की बेरहमी से पिटाई
त्योहारों का मौसम अक्सर खुशियों और उत्साह से भरा होता है, लेकिन कभी-कभी कुछ असामाजिक तत्वों की वजह से यह माहौल खराब भी हो जाता है। ऐसा ही एक दुर्भाग्यपूर्ण वाकया अलीपुर थाना क्षेत्र के परशुरामपुर गांव में देखने को मिला, जिसने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिवाली के पावन अवसर पर, जब लोग अपने घरों में रोशनी कर रहे थे और खुशियां मना रहे थे, तभी कुछ मनबढ़ युवक खुलेआम हुड़दंग मचा रहे थे और नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए जोर-शोर से पटाखे जला रहे थे। देर रात का समय था, और इन युवकों का शोर-शराबा आसपास के लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रहा था। शांति व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, अलीपुर थाने से एक दरोगा और एक सिपाही मौके पर पहुंचे। उन्होंने युवकों को समझाने-बुझाने और उन्हें शांति बनाए रखने के लिए कहा। पुलिसकर्मियों ने उन्हें बताया कि इस तरह खुलेआम पटाखे जलाना और हुड़दंग मचाना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि इससे दूसरों को भी परेशानी हो रही है। लेकिन, इन मनचले युवकों पर पुलिस की बातों का कोई असर नहीं हुआ। इसके बजाय, 8 से 10 की संख्या में इन युवकों ने पुलिसकर्मियों पर ही हमला कर दिया। रोकने के बजाय, उन्होंने दरोगा और सिपाही दोनों पर बेरहमी से लाठी-डंडों और मुक्कों से वार करना शुरू कर दिया। यह घटना इतनी अप्रत्याशित और हिंसक थी कि पुलिसकर्मी खुद को बचाने का मौका भी नहीं मिला। उन्हें गंभीर चोटें आईं और वे लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े। घटना की जानकारी मिलते ही, अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा और घायल पुलिसकर्मियों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। इस शर्मनाक घटना ने पूरे इलाके में भय का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस पर हमले की यह घटना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह उन लोगों की मानसिकता को भी दर्शाती है जो कानून और व्यवस्था को कोई महत्व नहीं देते। पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है और आरोपियों की तलाश में जुट गई है। उम्मीद है कि जल्द ही इन मनबढ़ युवकों को गिरफ्तार कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और पुलिस का मनोबल बना रहे।
